GHAZAL: तेरी याद

                                  

आज फिर से तेरी याद आने लगी है।

याद आकर मेरा दिल जलाने लगी है।


कहा था ये मुझसे तू है सिर्फ़ मेरी।

तू फ़िर मुझसे क्यों दूर जाने लगी है।।




रही है मेरी सारी ख्वाहिश अधूरी ।

तू अश्कों में मुझको डुबाने लगी है।।


मोहब्बत का मेरे ये कैसा सिला है।

मुझे जाने क्यों आजमाने लगी है।।


तुझे भूल पाए ना शायद अयन ये।

मगर तू मुझे अब भूलाने लगी है।।


            - जी एल पटेल 'अयन

Comments

Popular posts

Hindi poem on martyr/ वीरों की शौर्य गाथा