।।दिवाली गीत।। Happy Diwali Poetry

 

 

       

 

।।दिवाली गीत।।

इस दिवाली प्रीत से कुछ कर दिखा दो !
मुक़द्दर को मोहब्बत का असर दिखा दो !!
जमाना जानता है प्रेम के उजास को ,
फेंक दो उतार के तुम जुर्म के लिबास को !
अनंत दीप जल उठेंगे, एक दीप जला तो दो,
हौसला रखो तुम बदल दोगे इतिहास को!!
ख्वाब को यथार्थ का सहर दिखा दो !!
जईफ से तुम्हारा जो प्रेम का संबंध हो,
हर गरीब को जो वस्त्र का प्रबंध हो !
शीत न  जमा सके अबकी इंसान के रक्त को,
है नमन सौ बार मेरा प्रेम के इस भक्त को !!
प्रण करो जग से मुफलिसी रुखसत करा दो !
मुक़द्दर को मोहब्बत का असर दिखा दो !! - जी.एल.

जईफ - बुजुर्ग 
मुकद्दर - भाग्य 
उजास- प्रकाश
लिबास - पहनावा
सहर- सुबह
मुफलिसी - गरीबी
रुखसत - विदाई


          

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