Saraswati Vandana सरस्वती वंदना
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| yadon ka sawan |
सरस्वती वंदना
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नमामि हे बागेश्वरी!
नमामि पुस्तकधारिणी,
नमामि हे चित्रांबरा!
नमामि विंध्यवासिनी।
मस्तक तिलक करी अर्चना।
करबध्द हो करी वन्दना।।
हरो उर तम सदा मां।
कृपा करो पद्मासना।।
नमामि माते तारिणी!
नमामि पुस्तकधारिणी!! नमामि हे..!!
अर्पित करी सब सर्जना।
लेखनी की व्यंजना।।
सदा सुर-सरिता बहे।
कृपा करो पद्मलोचना।।
नमामि माते कामिनी।
नमामि पुस्तकधारिणी!! नमामि हे..!!
- जी.एल.
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