कितनी भोली कितनी मासूम/ Love Poem in Hindi
कितनी भोली कितनी मासूम... कितनी भोली कितनी मासूम; खुदा ने तुम्हे बनाया है ! लगता है चौदहवीं का चॉद; आज जमीं पर उतर आया है!! वो कातिल निगाहें वो ! वो दिलकश अदायें!! कैसे भूलूं तेरी जुल्फों की! वो काली घटाएं !! खुशनसीब हूं जो तेरे हुस्न का, दिदार हमने पाया है !! लगता है.. तेरा वो प्यार से मुस्कराना; फिर वो जुल्फें बिखराना!! तेरा वो प्यार से देखना ! फिर आँखों से दिल मे उतर जाना! जाने कितने सजदे के बाद; तेरा प्यार हमने पाया है!! लगता है... सुरुर - ए - ईश्क का ! अल्फाज हमको चाहिए; तेरी "यादों के सावन" का ! इक साज हमको चाहिए!! दुआओं का फल लाखें में; इक यार हमने पाया है !! लगता है चौदहवीं का चॉद ! आज जमीं पे उतर आया है!!-जी.एल. kitanee bholee kitanee maasoom kitanee bholee kitanee maasoom; khuda ne tumhe banaaya hai ! lagata hai chaudahaveen ka chand; aaj jameen par utar aaya hai!! vo kaatil nigaahen vo ! vo dilakash adaayen!! kaise bhooloon ...