माँ जी करता है सो जाऊँ फिर से, माँ के प्यारे आँचल में ! ममता की छाँव में, स्नेह के बादल में!! धरती माँ, भारत माँ, माँ के रुप हजार है! माँ के ही चरणों में, बसा ये संसार है!! सो जाते हैं सभी एक दिन ! माँ के ही आँचल में !! जी करता है.. भूखी रहती है स्वयं , पर बच्चों को खिलाती माँ! पीकर निज करुण अश्रु को, हम पर प्रेम बरसाती माँ! बसी है वह माँ , इस अम्बर में,भूतल में!!जी करता है.. बचपन की वो स्मृतियाँ, जब भी दुहराती है ! कहानी कहते हुए परियों की, माँ मन में बस जाती है !! कितना प्यार भरा था ! उस काले कोरे काजल में! जी करता है...... जी.एल. Maa jee karata hai so jaoon phir se, maan ke pyaare aanchal mein ! mamata kee chhaanv mein, sneh ke baadal mein!! dharatee maan, bhaarat maan, maan ke rup hajaar hai! maan ke hee charanon mein, basa ye sansaar hai!! so ...
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