Hindi poem on martyr वीरों की शौर्य गाथा ------------------------------- द्रवित हो गयी रणचण्डी, तेरी कायर करतूतों से! कांप गयी नापाक धरती, भारत के वीर सपूतों से!! शुरू हुआ जंग अगर तो, ऐसा कोहराम मचा देंगे! दुनिया के नक्शे से हम, आतंकिस्तान मिटा देंगे!! लहु देकर भारत के बेटे, सरजमीं को अपने सिंचे है! पार न करना LOC अब, लक्ष्मण रेखा खिंचे है !! घुसने की कोशिश न करना, घुस - घुस कर हम मारेंगे! शिश बोकर इस धरती में, अपना चमन संवारेंगे !! तेरी इस गिदड़भभकी से, हम नहीं डरने वाले ! अब नहीं बच पायेंगे , आतंक शुरू करने वाले!! धौंस न देना परमाणु बम का, ये तेरी ही काल बन जायेगा! पंगा लिया क्यूं अपने बाप से, तू कोटिक साल पछतायेगा!! रोयेगा तू अपने किये पर, पंगा लिया जो यमदूतों से! कांप जायेगी नापाक धरती, भारत के वीर सपूतों से !! - जी. एल. Hindi poem on martyr Dravit ho gayee ranachandee teree kaayar karatooton se! kaamp gayee naapaak dharatee, bhaarat ke veer sapooton se!! ...
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